फ़तेहउल्लाह गुलेन

फ़तेहउल्लाह गुलेन एक आधिकारिक मुख्यधारा से जुड़े तुर्की मुस्लिम विद्वान, विचारक, लेखक, कवि, ओपीनियन लीडर और शिक्षाविद हैं जो सांसकृतिक संवाद, विज्ञान, लोकतंत्र और आध्यात्मिकता का समर्थन करते हैं। वह हिंसा और धर्म को किसी राजनीतिक विचारधारा से जोड़ने का भी विरोध करते हैं। वह दुनिया को शांतिपूर्ण बनाने हेतु सभ्यताओं के संघर्ष के बजाय सभ्यताओं के सहयोग और सहकार्यता को बढ़ावा देते हैं।

“इतने सहनशील बनो कि तुम्हारी छाती सागर की तरह व्य़ापक हो जाये। मनुष्य प्रेम और आस्था से प्रेरणा लो। दुनिया में कोई भी परेशान आत्मा ऐसी ना बचने पाये कि जिसे आपने सहारा ना दिया हो या जिसके प्रति आप उदासीन हों।” (फ़तेहउल्लाह गुलेन; मानदंड या मार्ग प्रकाश: लंदन: Truestar.)

हमारा मानना है कि श्री फ़तेहउल्लाह गुलेन और उनके विचारों से प्रेरित नागरिक समाज आंदोलन, जो फ़तेहउल्लाह गुलेन आंदोलन के नाम से भी जाना जाता है निम्नलिखित कारणों से महत्वपूर्ण है;

फ़तेहउल्लाह गुलेन की प्रामाणिकता और प्रभाव:

फ़तेहउल्लाह गुलेन सुन्नी परंपरा - ८७-९० मुस्लिम आबादी जिसकी अनुयायी है- के आधिकारिक मुख्यधारी मुस्लिम विद्वान हैं जिनका तुर्की और सम्पूर्ण मुस्लिम दुनिया में आदर किया जाता है। वह एक विचारक, कवि, विपुल लेखक, शैक्षिक कार्यकर्ता और ओपीनियन लीडर भी हैं। तुर्की में उनके पाठकों की संख्या लाखों में पाई जाती है। दिन प्रतिदिन तुर्की के बाहर उनका प्रभावबढ़ता जा रहा है यही कारण है कि उनके लेखनों का अनुवाद अंग्रेजी, अरबी, रूसी, जर्मन, स्पेनिश, उर्दू, बोस्नियाई अल्बानियाई, मलय और इंडोनेशिया सहित कई भाषाओं में किया गया है। मुद्रित प्रकाशनों के अलावा, रेडियो और टेलीविजन नेटवर्क के माध्यम से उनके विचार दुनिया की बढ़ती आबादी के लिए भी आसानी से पर्याप्त हैं।

हिंसा, आतंक और आत्मघाती हमलों के खिलाफ फ़तेहउल्लाह गुलेन का पक्ष:

  • वह पहले मुस्लिम विद्वान् हैं जिसने सार्वजनिक रूप से (वाशिंगटन पोस्ट में एक विज्ञापन में) 9/11 के हमलों निंदा की थी।
  • उन्होंने मानवीय और धार्मिक आधार पर आतंकवाद और आत्मघाती हमलों जैसी कृत्यों की निंदा करते हुए एक अकादमिक किताब भी प्रकाशित की।
  • उन्होंने केवल पश्चिमी पाठकों के लिए इन विचारों को व्यक्त नहीं किया, बल्कि मस्जिदों में हजारों मुसलमानों के बीच अपने उपदेशों में भी इन बातों को रखा।
  • उन्होंने स्पष्ट रूप से आत्मघाती हमलों को अस्वीकार किया है।
  • उन्होंने तुर्की जापानी, केन्याई और अमेरिकी समाचार पत्रों के साथ अपने साक्षात्कार में आतंकवाद के कृत्यों का औचित्य साबित करने के लिए राजनीतिक, वैचारिक और धार्मिक कारणों के उपयोग की निंदा भी की है।
  • न्होंने कई राष्ट्रीय टेलीविजन और चैनलों पर भी सार्वजनिक रूप से इन कृत्यों की निंदा की है।

अंतर धार्मिक संवाद के क्षेत्र में अग्रणी:

9/11 की त्रासदी से एक दशक पहले से ही फ़तेहउल्लाह गुलेन ने सक्रिय रूप से, धार्मिक और सांस्कृतिक संवाद शुरु कर दिया था। तुर्की में, बहुसंख्यक मुसलमानों और ग्रीक ऑर्थोडॉक्स, अर्मेनियाई रूढ़िवादी, कैथोलिक, यहूदी समुदायों के रूप में विभिन्न धार्मिक अल्पसंख्यकों के बीच संबंधों को सकारात्मक बनाने का श्रेय भी फ़तेहउल्लाह गुलेन को ही जाता है। तुर्की के बाहर भी आपसी संवाद पर उनके विचारों से प्रेरित होकर समानुभूतिक स्वीकृति, शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और सहयोग जैसे उद्देश्यों पर आधारित बहुत सी संस्थाएं स्थापित हुईं। व्यक्तिगत रूप से पोप जॉन पॉल द्वितीय ने संवाद और सहिष्णुता के लिए उनके प्रयासों को सराहा है तो इसराइल के मुख्य रब्बी सेफार्दिक ने उनको आमंत्रित भी किया है और साथ ही विभिन्न ईसाई संप्रदायों के नेताओं के साथ बैठकों में भी उनकी कोशिशों को मान्यता हासिल हुई है।

सभ्यताओं के बीच सहयोग के सन्दर्भ में :

आपसी समझ, संवाद और साझा मूल्यों के माध्यम से फ़तेहउल्लाह गुलेन सभ्यताओं के बीच संघर्ष के बजाये सहयोग को बढ़ावा देते हैं। एक नागरिक समाज के ओपीनियन लीडर होने के रेप में वह तुर्की के यूरोपीय संघ में शामिल होने के प्रयासों का समर्थन करते हैं और उनका मानना है कि तुर्की के संघ में शामिल होने से दोनों पक्षों को लाभ होगा।

आस्था के आध्यात्मिक आयाम पर जोर:

आध्यात्मिक अनुशासन में अपनी प्रारंभिक शिक्षा के कारण फ़तेहउल्लाह गुलेन इस्लामी आध्यात्मिकता (पश्चिम में सूफी मत के रूप में जाना जाता है), और साथी मनुष्यों से प्यार के रवैये पर बल डालने के लिए जाने जाते हैं। प्रेम, करुणा और मानवता से संबंधित सभी मुद्दों के लिए एक निष्कपट दृष्टिकोण के अपने प्रतिनिधित्व के कारण ही उन्हें "आधुनिक दिन रूमी" कहा जाता है। रूमी के वंशज, लेखक और सूफी मास्टर शफ़ीक़ जान ने रूमी के जीवन और शिक्षाओं पर अपनी पुस्तक के लिए आपसे प्रस्तावना लिखने का अनुरोध किया था।सूफीवाद पर दो खंडों में मौजूद उनकी किताब को दुनिया के आध्यात्मिक परंपराओं के सन्दर्भ में विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम के लिए पाठ्यपुस्तक के रूप में प्रयोग किया जाता है।

विज्ञान और आस्था में समरसता:

फ़तेहउल्लाह गुलेन का मानना है कि विज्ञान और आस्था आपस में लयबद्ध ही नहीं बल्कि एक दूसरे के लिए पूरक हैं। इसीलिये वह मानवता की भलाई के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी उन्नति को प्रोत्साहित करते हैं।

बौद्धिक आयाम:

पश्चिमी परंपरा के अग्रणी विचारकों से अच्छी तरह वाकिफ हैं तथा अपने भाषणों और अपने लेखनों में उन पर बहुत सहजता से विचार विमर्श करते हैं।

लोकतंत्र समर्थक:

फ़तेहउल्लाह गुलेन लोकतंत्र को शासन के लिए एकमात्र साध्य राजनीतिक प्रणाली शुमार करते हैं। वह तमाम नागरिकों को अपने देश के राजनीतिक जीवन में सूचित और ज़िम्मेदार नागरिक बनने के लिए एक तरफ प्रोत्साहित करते हैं तो दूसरी तरफ धर्म को किसी राजनीतिक विचारधारा से जोड़ने की निंदा भी करते हैं।

सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करना:

फ़तेहउल्लाह गुलेन के जीवन की सबसे मुख्य विशेषता यह रही है कि उनके विचार और दृष्टि केवल बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहे किन्तु नागरिक परियोजनाओं के रूप में विश्व स्तर पर ज़ाहिर हुए हैं। कुछ अनुमानों के अनुसार, फ़तेहउल्लाह गुलेन के विचारों से प्रेरित और स्थानीय उद्यमियों, समर्पित वालिदैन और परोपकारी शिक्षकों द्वारा प्रायोजित दुनिया भर में K-12 स्कूलों, विश्वविद्यालयों, और भाषा स्कूलों जैसे हज़ारों शैक्षिक संगठनों स्थापना की गई है। ऐसे स्कूलों के उल्लेखनीय उदाहरण में अफ्रीका, सुदूर पूर्व और पूर्वी यूरोप में कई देशों तथा दक्षिण पूर्वी तुर्की, मध्य एशिया के स्कूल शामिल हैं।उनके स्थान की परवाह किए बिना, ये स्कूल मानवता की सेवा, आपसी सामंजस्यपूर्णता, सांस्कृतिक रिश्ते, आस्था और तर्क के सफल एकीकरण, और समर्पण का प्रतीक हैं। खास तौर पर संघर्ष ग्रस्त क्षेत्रों में, जैसे कि फिलीपींस, दक्षिण पूर्व तुर्की और अफगानिस्तान में यह संस्थायें गरीबी कम करने और शिक्षा के अवसर को बढ़ाने में मददगार होने के साथ साथ इन देशों में सक्रिय अलगाववादी एजेंडा रखने वाले तथा आतंकवादी समूहों के असर को भी कम करने में सफल साबित हुई हैं। सामाजिक सद्भाव के क्षेत्र में योगदान देने के अलावा, इन स्कूलों ने अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान और गणित प्रतियोगिताओं के लिए विजेताओं भी पैदा किये हैं।

अन्य नागरिक समाज परियोजनाएं:

फ़तेहउल्लाह गुलेन के विचारों से प्रेरित और प्रोत्साहित अन्य नागरिक परियोजनाओं में राहत संगठन, सतत विकास संगठन, मीडिया संगठन, व्यावसायिक संगठन, और चिकित्सा संस्थान शामिल हैं।

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